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Tag: आरती और चालीसा

श्री गंगा माँ की आरती

श्री गंगा माँ की आरती हर हर गंगे, जय माँ गंगे, हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥ ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता । जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता ॥ चंद्र सी जोत तुम्हारी जल निर्मल आता । शरण पडें जो तेरी सो नर तर जाता ॥ ॥ ॐ जय […]

माँ संतोषी की आरती

माँ संतोषी की आरती जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता । अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता । मैया जय सन्तोषी माता । सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हो, मैया माँ धारण कींहो हीरा पन्ना दमके तन शृंगार कीन्हो, मैया जय सन्तोषी माता । गेरू लाल छटा छबि बदन कमल सोहे, मैया बदन […]

श्री सरस्वती चालीसा पाठ

श्री सरस्वती चालीसा ॥दोहा॥ जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। रामसागर के पाप को, मातु तुही अब हन्तु॥ ॥चौपाई॥ जय श्री सकल बुद्धि बलरासी। जय सर्वज्ञ अमर अविनासी॥ जय जय जय वीणाकर धारी। करती सदा सुहंस सवारी॥ […]

सरस्वती माँ की आरती – सरस्वती वंदना

माँ सरस्वती की आरती – सरस्वती वंदना कज्जल पुरित लोचन भारे, स्तन युग शोभित मुक्त हारे | वीणा पुस्तक रंजित हस्ते, भगवती भारती देवी नमस्ते ॥ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ ॥ जय सरस्वती माता…॥ चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी। सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥ ॥ जय सरस्वती […]

श्री काली चालीसा पाठ

श्री काली चालीसा पाठ ॥ दोहा ॥ जय जय सीताराम के मध्यवासिनी अम्ब। देहु दर्श जगदम्ब अब करहु न मातु विलम्ब ॥ जय तारा जय कालिका जय दश विद्या वृन्द। काली चालीसा रचत एक सिद्धि कवि हिन्द ॥ प्रातः काल उठ जो पढ़े दुपहरिया या शाम। दुःख दरिद्रता दूर हों सिद्धि होय सब काम ॥ […]

माँ काली आरती – काली माता की आरती

माँ काली आरती – काली माता की आरती माँ काली आरती अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली | तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती || तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है भारी | दानव दल पर टूट पडो माँ, करके सिंह सवारी || सौ […]

भगवान श्री कृष्ण जी की आरती

।। श्री कुंज बिहारी की आरती – भगवान श्रीकृष्णजी की आरती ।। आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्ती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवन में कुंडल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला।। नैनन बीच, बसहि उरबीच, सुरतिया रूप उजारी की ।। आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की। […]

श्री शनि चालीसा पाठ

श्री शनि चालीसा पाठ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥ जयति जयति शनिदेव दयाला। करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥ चारि भुजा, तनु श्याम विराजै। माथे रतन मुकुट छबि छाजै॥ परम […]

श्री शनिदेव जी की आरती

शनि देव जी की आरती जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी । सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥ ॥ जय जय श्री शनिदेव..॥ श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी । नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी ॥ ॥ जय जय श्री शनिदेव..॥ क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी । मुक्तन की माला गले […]

श्री हनुमान चालीसा पाठ

श्री हनुमान चालीसा पाठ दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चालीसा जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। महाबीर बिक्रम बजरंगी। […]

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